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Motivational Story in Hindi For Success – प्रेरणादायक कहानी

Motivational Story in Hindi
Written by HindiMeStatus

नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका आपकी अपनी वेबसाइट HINDIMESTATUS.com पर| आज हम आपके लिए Motivational Story in Hindi का बेस्ट कलेक्शन लेकर आये है| जिनको आप नीचे पढ़ोगे.

हमारे जीवन में कई ऐसे मोड़ आते है जिससे निकलने में हमे बहुत कठनाईयोँ का सामना करना पडता है|

हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता है हर जगह से निराशा और असफलता ही हाथ लगती है कोई साथ नहीं देता ऐसा लगता है हमारा अब इस दुनियाँ में कोई नहीं है हम इस दुनियाँ में एकदम अकेले है. लेकिन यह हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला होता है अगर हमने पार कर लिया तो जीत गए और रह गए तो समझो हार गए.

आप ये मत सोचो की ये सब सिर्फ आपके ही साथ क्यों होता है ये हर किसी के साथ होता है हर कामयाब इंशान के आगे कई कठनाई आती है लेकिन वो उसे पार कर लेता है|

जब हम किसी सीढ़ी पर चढ़ते है तो एकदम से नहीं चढ़ पाते लेकिन एक टाइम ऐसा आता है हमे अपनी मंजिल मिल जाती है.

जब हम बहुत सारे काम कर रहे हों तो ये ज़रूरी नहीं कि सब कुछ सही ही होगा| लेकिन अगर आप इस वजह से प्रयास करना छोड़ देंगे तो कभी सफल नहीं हो सकते.

आप अपने काम में पूरी मेहनत के साथ लगे रहे एक ना एक दिन आपको जरुर कामयाबी मिलेगी अगर आप ये सोच कर काम करेंगे की कुछ नहीं मिलेगा तो आप कुछ नहीं कर सकते.

हम आपके हौंसलों बढ़ाने के लिए लेकर आये है मोटिवेशनल स्टोरी जो आपको बहुत ज्यादा मोटिवेटेड करेंगे और जो आपको जीवन में सफल बनायेंगे आप कभी भी बुरे समय में हो आप इनको पढ़ लेना.

Motivational Story in Hindi  को आप ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर शेयर कीजिये जिससे की और लोग भी देख सके और खुद भी इस्तमाल कर सके| आप इन्हें कॉपी पेस्ट भी कर सकते है| तो चलिए Inspirational Story in Hindi का लेख पड़ना शुरू करते है.

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Motivational Story in Hindi Language

Motivational Story in Hindi Language

एक समय की बात है एक कलाकार अपने औजारों को ठेले में भरकर जंगल की और चल देता है|

थोड़ी दूर चलते – चलते उसको रास्ते में एक बहुत ही सुन्दर पत्थर दिखता है| और बहुत सोचता है क्यों ना इस पत्थर से में एक मूर्ति बनाऊ फिर वो अपने ठेले से औजार निकालता है और औजारों से पत्थर को तराशना शुरू कर देता है|

तभी पत्थर में से एक आवाज आती है अरे भाई रहने दो ना दर्द होता है|

यह सुनकर कलाकार अपने औजारों को ठेले में भरकर आगे चल देता है|

चलते चलते उस कलाकार को और एक बहुत सुन्दर पत्थर मिलता है| इस बार वो इस पत्थर से मूर्ति बनाने की सोचता है| और वो अपने औजारों को बहार निकालकर एक भगवान् की मूर्ति तराशना शुरू कर देता है| इस बार इतने बढ़िया से मूर्ति को तरश्ता है देखने से लगता है जैसे मानो पत्थर की मूर्ति अभी बोल पड़ेगी|

फिर वो कलाकार अपनी कलाकृति को वही छोड़कर आगे की और चल देता है चलते चलते वो कलाकार एक गाओ में पहुँचता है और देखता है|

वहां एक बहुत सुन्दर मदिर का निर्माण हुआ होता है| और वहां के लोग आपस में बातचीत कर रहे होते है| तभी उसे पता चलता है| मंदिर का निर्माण हो गया है लेकिन अभी मूर्ति का निर्माण नहीं हुआ है मूर्ति कहाँ से लाये तभी वो कलाकार सरपंच जी से कहता है|

सरपंच जी आप मूर्ति की चिंता बिलकुल ना करे आप जंगल के इस रस्ते चले जाये आपको रस्ते में एक सुन्दर मूर्ति मिल जाएगी मैंने उस मूर्ति को अभी तराशा है| उसको इस मंदिर पे स्थापित कर सकते है|

ये सुनकर सरपंच जी कुछ लोगों के साथ जंगल की और चल देता है| वो मूर्ति लाने उनको मूर्ति मिल जाती है और मूर्ति को लाकर मंदिर में स्थापित कर देते है| और लोग आते मूर्ति के आगे सर झुकाते और मन्नत मांगते मगर उस मंदिर में नारियल फोड़ने का कोई जगह नहीं होती तब सरपंच जी के मन में विचार आता है नारियल फोड़ने के लिए मंदिर के बहार एक पत्थर होना चाहिए तभी वो कलाकार सरपंच जी वो पहले वाले पत्थर के बारे में बतता है|

जिसको वो मूर्ति बनाना चाहता मगर बनाया नहीं था यह सुनने के बाद सरपंच जी पत्थर को जगल से उठवाकर लाता है| और मंदिर के बहार रख देता है अब जो भी मंदिर में पूजा करने आता है उस पत्थर के ऊपर अपना नारियाल फोड़ता है|

फिर एक दिन दुपहर के वक्त मंदिर में कोई नहीं रहता है तब दोनों पत्थर आपस में बात कर रहे होते है जिस पत्थर पर सब नारियल फोड़ रहे होते है वो वाला पत्थर मूर्ति वाले पत्थर से कहता है|

अरे औ पत्थर तेरी क्या किस्मत है तुझे आज भगवान् बना के पूजा जा रहा है तेरी इतनी आरती उतारी जा रही है| यह सुनने के बाद मूर्ति वाला पत्थर बोलता है अगर तू मेरी तरह दर्द सहन कर लिया होता तो आज तू मेरी जगह होता| जी हाँ दोस्तों अगर वो पत्थर जिस पर नारियल फोड़ा जा रहा है

वो उस दिन दर्द सहन कर लेता तो वो आज भगवान् होता और उसकी पूजा और आरती हो रही होती| इस दुनिया में उसी इशान को पूजा जाता है जो कामयाब होता है और कामयाबी उन्ही को मिलती है जो जीवन में कुछ पाने के लिए बहुत दर्द सहन करते है|

कामयाब लोग अपने फैसले से
दुनिया बदल देते है और
नाकामयाब लोग दुनिया के डर से
अपने फैसले बदल लेते है

Motivational Story in Hindi For Student

Motivational Story in Hindi For Success

एक बार एक आदमी एक संत के पास जाता है और अपनी समस्या बतता है की संत जी मेरी जिंदगी में कोई ख़ुशी ही नहीं आती सोचा था जब मेरी नौकरी लगेगी तो पिताजी को एक कार गिफ्ट करूँगा ये भी ना हो पाया क्योंकि मेरी नौकरी मिलने से पहले उनका देहांत हो गया|

सोचा था जब प्रमोशन होगा ना तो अपने बच्चो को कही घुमाने ले जाऊंगा लेकिन प्रमोशन ही नहीं हुआ| ऐसी और बहुत सी खुशियाँ थी जिनके लिए मै इतजार करता रह गया लेकिन वो मुझे कभी मिली नहीं| मुझे समझ नहीं आता मुझे कही खुशियाँ मिलेगी भी या नहीं|

संत उठे और उस आदमी को पास वाले बगीचे में ले गए जहाँ एक लाइन में बहुत से गुलाब लगे हुए थे| उन्होंने उस आदमी को कहा की एक काम करो लाइन से ये फूल देखते जाओ और जो सबसे सुन्दर फूल लगे उसे तोड़ लेना लेकिन हाँ एक बात याद रखना की एक बार जिस फूल से आगे निकल गए उस फूल पर वापस नहीं आ सकते यानी की तुम पीछे नहीं आ सकते और हाँ फूल लेके आना भी जरुरी है|

वो आदमी चलता गया उसको कुछ बड़े फुल दिखते तो कुछ छोटे फूल दिखते हर फूल पर पहुँच कर वो ईसी सोच के साथ उस फूल को छोड़ देता कही इससे सुन्दर फूल आगे हुए तो तब वो उस लाइन के तक़रीबन अंत में पहुंचा तब उस ने देखा की अब सिर्फ मुरझाये हुए से कुछ फूल बचे है|

उनमे से जो उसे सबसे खिला हुआ सा फूल दिखा उस को वो तोड़कर अपने साथ संत जी के पास ले गया| और बोला संत जी मुझे रास्ते में बहुत कई बड़े और छोटे सुन्दर फूल दिखे थे लेकिन में ईसी आस में आगे चलता गया की कोई और सुन्दर फूल मिलेगा और अंत में मुझ सिर्फ मुरझाये हुए से फूल मिले|

तब वो संत मुस्कुराये और बोले बेटा तुम सबसे सुन्दर फुल की तलाश में आगे बढ़ते गए और जितने सुन्दर फूल थे उनकी जगह ये मुरझाया फुल लेकर आये|

ये बगीचा समझ लो तुम्हारी जिंदगी है और ये फूल उस जिंदगी के सफ़र में आने वाली छोटी बड़ी खुशियाँ है| जैसे तुम ये सोच कर चलते गए की आगे और सुन्दर फूल मिलेगा बाकी फुलो की खूबसूरती को नज़रंदाज़ करते रहे ठीक उसी तरह हम अपनी जिंदगी में छोटी छोटी खुशियों को नज़रअंदाज़ कर जाते है एक बड़ी खुशी की तलाश में| और जब तक ये समझ आता है जिंदगी निकल चुकी होती है|

सीढियाँ उन्हें मुबारक हो
जिन्हें सिर्फ छत तक जाना है
मेरी मंजिल तो आसमां है’
रास्ता मुझे खुद बनाना है

Short Motivational Stories in Hindi – मोटीवेट करने वाली प्रेरणादायक कहानी

Short Motivational Stories in Hindi

ये कहानी है दो बच्चो की वो एक गाँव में रहते थे| उनमे से एक छ: साल का था और एक दस साल का था|

दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे बिलकुल जय और वीरू दोनों हमेशा साथ – साथ रहते, साथ – साथ खाते, साथ – साथ नहाते|

फिर एक दिन वो दोनों गाँव से थोडा दूर निकल गए और खेलते – खेलते उनमे से जो बड़ा बच्चा था वो कुए में गिर गया और जोर – जोर से चीखने चिलाने लगा की मुझे तैरना नहीं आता|

अब जो छोटा बच्चा था छ: साल का उसने अपने आस पास में देखा और उसको कोई नज़र नहीं आया उसको कोई नहीं दिखा जीसको की वो बुला सके मदद के लिए|

अब उसकी नज़र पड़ी एक बाल्टी पे जिसे एक रस्सी बंधी हुई थी उसने एक मिनट भी बर्बाद नहीं किया और बाल्टी को कुए में फेक दिया और अपने दोस्त को बोला की पकड़ ले उसके दोस्त ने पकडा और उसने अपनी पूरी ताकत लगाके उसको खीचा खिचता रहा उसने अपनी पूरी जान लगा दी छोटे से बच्चे ने छ: साल के ने और दस साल के ने पकड़ा हुआ था| खिचता रहा और तब तक नहीं रुका जब तक उसने अपने दोस्त को बचा नहीं लिया|

लेकिन हुआ क्या की जैसे ही ये दो बच्चे आपस में मिले बड़े खुश हुए और गले मिले एक तरफ उन्हें डर भी लग रहा था घर जायेंगे तो अब पिटाई होगी जब हम उनको बताएँगे लेकिन मजे की बात ऐसा कुछ भी नहीं हुआ|

जब वो गाँव गए और जाकर के अपने घर वालो को बतायाँ बाकी गाँव वालो को बताया तो किसी ने विश्वाश नहीं किया| और अपनी जगह ठीक थे क्योंकि उस बच्चे में इतनी भी ताकत नहीं थी की वो एक बाल्टी पानी से भरी उठा ले तो इतने बड़े बच्चे को ऊपर खीचना तो बहुत बड़ी बात है.

लेकिन एक आदमी था उस गाँव में जिन्होंने उनकी बात पर विश्वास किया उनको सब रहीम चाचा कहते थे| वो गाँव के सबसे ज्यादा समझदारो में से एक थे और सबको लगा की यार ये कभी झूठ नहीं बोलते अगर ये कह रहे है तो जरुर कोई न कोई बात होगी|

अब सारे गाँव वाले इक्कठा होकर के उनके पास गए और जाकर के बोले जी हमे तो कुछ समझ आ नहीं रहा आप ही बता दो ऐसा कैसे हो सकता है उनको हसी आ गयी और बोले मैं क्या बताऊंगा बच्चे बता तो रहे है|

उसने बाल्टी को कुए में फेका और उसके दोस्त ने बाल्टी को पकड़ लिया और उसने रस्सी को खीचा और अपने दोस्त को बचा लिया तो आपको पता तो था यह इसने कैसे करा बच्चे बता रहा है इसमें में क्या बताऊ|

कुछ देर बाद रहीम चाचा बोले सवाल ये नहीं है की ये छोटा सा बच्चा ऐसा कैसे कर पाया सवाल ये है ये क्यों कर पाया उसको इतनी ताकत कहा से आई और बोले इसका सिर्फ एक जवाब सिर्फ एक जिस वक्त उस बच्चे ने ये किया उस टाइम पे उस जगह पर दूर – दूर तक कोई नहीं था| उस बच्चे को ये बताने वाला की तू ये नहीं कर सकता.

जीत और हार
आपकी सोच पर निर्भर करती है
मान लो तो हार होगी और
ठान लो जीत होगी

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