|| स्वतंत्रता दिवस || 15 अगस्त पर कविता (देशभक्ति स्पीच)

जय हिन्द दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आये है 15 अगस्त पर कविता का बेस्ट कलेक्शन वो भी आपकी अपनी वेबसाइट HindiMeStatus.com पर| तो चलिए लेख पड़ना शुरू करते है.

15 अगस्त आजादी का दिन होता है इस दिन का स्वागत पुरे भारत वर्ष में बड़ी धूम – धाम के साथ किया जाता है| इस दिन दिल्ली के लालकिले पर बहुत जसंख्या में लोग पहुँचते है और लालकिले पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते है और भाषण देते है और परेड भी निकलती है और लोग इसका बहुत आनंद लेते है.

भारत के सभी सरकारी कार्यलय एव स्कूलों में 15 अगस्त का अवकाश रहता है| भारत के सभी स्कूलों में 14 अगस्त को फंक्शन आयोजित किया जाता है और इसमें सभी बच्चे बड – चढ़ कर हिस्सा लेते है इसमें सभी लोग बहुत आनंद लेते है.

कई बच्चे 15 अगस्त पर कविता सुनाते है और जो बच्चे 15 अगस्त पर कविता ढूंढ नहीं पाते है उनके लिए हम स्वतंत्रता दिवस पर कविता लिखते है. यह 15 अगस्त पर कविता बहुत ही सुंदर और 15 अगस्त पर कविता

15 अगस्त पर कविता को आप ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर शेयर कीजिये जिससे की और लोग भी देख सके और खुद भी इस्तमाल कर सके| आप इन्हें कॉपी पेस्ट भी कर सकते है| तो चलिए लेख पड़ना शुरू करते है.

Poem on Independence Day in Hindi – स्वतंत्रता दिवस पर बाल कविता

Poem on Independence Day in Hindi - स्वतंत्रता दिवस पर बाल कविता

आज सभी आजाद हो गए, फिर ये कैसी आजादी
वक्त और अधिकार मिले, फिर ये कैसी बर्बादी
संविधान में दिए हकों से, परिचय हमे करना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
जहाँ शिवा, राणा, लक्ष्मी ने, देशभक्ति का मार्ग बताया
जहाँ राम, मनु, हरिश्चंद्र ने, प्र्जभक्ति का सबक सिखाया
वंही पुन: उनके पथगामी बनकर हमे दिखाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
गली – गली दंगे होते है, देशप्रेम का नाम नहीं
नेता बन कुर्सी पर बैठे, पर जनहित का काम नहीं
अब फिर इनके कर्तव्यों की, स्मृति हमे दिलाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
पेट नहीं भरता जानता का, अब झूठी आशाओं से
आज निराशा ही मिलती है, इन लोभी नेताओं से
झूठे आश्वासन वालों से, अब ना धोका खाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
दिल बापू का टुकडे होकर, इनकी चालों से बिखरा
रामराज्य का सुंदर सपना, इन कारण ना निखरा
इनकी कलि करतूतों का, पर्दाफाश करना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
सत्य – अहिंषा भूल गए हम, सिमट गया नहरू सा प्यार
बच गए थे जे.पी के सपने बिक गए वह भी सारे बाजार
शुभाष, तिलक, आजाद, भगत के, कर्म हमे दोहराना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
आज जिन्हें अपना कहते है, वह पराये होते है
भूल वायदे ये जनता के, नींद चैन की सोते है
उनसे छीन प्रशासन अपना, योवाशक्ति दिखलाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
सदियों पहले की आदत, अब तक ना हटे हटाई है
निज के जनतंत्री शाशन में परतंत्री छाप समाई है
अपनी हिम्मत, अपने बल से, स्वयं लक्ष्य को पाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
देशभक्ति की रह भूलकर, नेतागण खुद में तल्लीन
शासन की कुछ सुख सुविधाएँ, बना रही है इनको पथहीन
ऐसे दिग्भ्रम को, सही सबक सिखलाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
काले धंधे रिश्वतखोरी, आज बने इनके व्यपार
भूखी सोती गरीब जनता, सहकर लाखों आत्याचार
रोजी – रोटी दे गरीब को, समुचित न्याय दिलाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
राष्ट्र एकता के विघटन में, जिस तरह विदेशी सक्रिय है
उतने ही देश के रखवाले, पता नहीं क्यों निष्क्रिय है
प्रेम भाईचारे में बाधक, रोड़े सभी हटाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
कही राष्ट्रभाषा के झगडे, कहीं धर्म – देश की आग
पनप रहा सर्वत्र आजकल, क्षेत्रीयता का अनुराग
हिन् विचारों से ऊपर उठ, समता – सुमन खिलाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
अब हमको संकल्पित होकर, प्रगति शिखर पर चड़ना है
उंच – नीच के छोड़ दायरे, हर पल आगे बढाना है
सारी दुनियाँ में भारत की, नई पहचान बनना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है
भारत को खुशहाल बनाने, आज क्रांति फिर लाना है

स्वराज हमारा जन्म सिध्द अधिकार है 

||जय हिन्द||

Desh Bhakti Ki Kavita in Hindi स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर कविता

Desh Bhakti Ki Kavita in Hindi - 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर कविता

विश्व भर में भारती की ये अमिट पहचान है
ये तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढे
ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े
ये तिरंगा दिल की धड़कन ये हमारी जान है
ये तिरंगा विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है
ये तिरंगा वीरता का गूंजता इक मात्र है
ये तिरंगा वंदना है भारती का मान है
ये तिरंगा विश्व जन को सत्य का का संदेश है
ये तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है
ये तिरंगा इस धरा पर शांति का संधान है
इसके रेषोंमें बुना बलिदानियों का नाम है
ये बनारस की सुबह है ये अवध की शाम है
ये तिरंगा ही हमारे भाग्य का भगवान् है
ये कभी मंदिर कभी ये गुरुओ का द्वार लगे
चर्च का गुंबद कभीं मस्जिद का मीनार लगे
ये तिरंगा धर्म की हर राह का सम्मान है
ये तिरंगा बाइबल है भागवत का श्लोक है
ये तिरंगा आयत-ऐ-कुरान का आलोक है
ये तिरंगा वेद की पावन ऋचा का ज्ञान है
ये तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है
ये तिरंगा झूमता कन्याकुमारी नीर है
ये तिरंगा माँ के होठो की मधुर मुश्कान है
ये तिरंगा देव नदियों का त्रिवेणी रूप है
ये तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धुप है
ये तिरंगा भ्व्य हिमगिरी का अमर वरदान है
शीत की ठंडी हवा ये ग्रीष्म का अंगार है
सावनी मौसम में मेघो का छलकता प्यार है
झंझावातों में लहरता ये गुणों की खान है
ये तिरंगा लता की इक कुहूकती आवाज है
ये रवि शंकर के हाथों में थिरकती साज है
टेगोर के जनगीत जन गण मन का ये गुणगान है
ये तिरंगा गाँधी जी की शांति वाली खोज है
ये तिरंगा नेता जी के दिल से निकला ओज है
ये विवेकआनंद जी का जगजयी अभियान है
रंग होली के है इसमें ईद जैसा प्यार है
चमक क्रिश्मस की लिए यह दीप-सा त्यौहार है
ये तिरंगा कह रहा है संस्कृति महान है
ये तिरंगा अंदमानी काला पानी जेल है
ये तिरंगा शांति और क्रांति का अनुपम मेल है
वीर सवारकर का ये इक साधना संगान है
ये तिरंगा शहीदों का जलियांवाला बाग़ है
ये तिरंगा क्रांति वाली पुन्य आग है
क्रन्तिकारी चंद्रशेखर का ये स्वाभिमान है
कृष्ण की ये निति जैसा राम का बनवास है
आघ शंकर के जतन-सा बुध्द का संन्यास है
महावीर स्वरूप ध्वज ये अहिंसा का गान है
रंग केसरिया बताता वीरता ही कर्म है
स्वेत रंग यह कह रहा है शांति ही धर्म है
हरे रंग का स्नेह से ये मिट्टी ही धनवान है
ऋषि दयानंद के ये सत्य का प्रकाश है
महकवि तुलसी के पूज्य राम का विशवास है
ये तिरंगा वीर अर्जुन और ये हनुमान है

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा 

||जय हिन्द||

Short Poem on 15 August in Hindi – स्वतंत्रता सेनानियों पर कविता

Short Poem on 15 August in Hindi - स्वतंत्रता सेनानियों पर कविता

यारा प्यारा मेरा देश
सजा सवार मेरा देश’
दुनिया जिस पर गर्व करे
नयन सितारा मेरा देश
चांदी सोना मेरा देश
सफल सलोना मेरा देश
सुख का कोना मेरा देश
फूलों वाला मेरा देश
झूलों वाला मेरा देश
गंगा यमुना की माला का मेरा देश
फूलों वाला मेरा देश
आगे जाए मेरा देश
नित नए मुस्कुराये मेरा देश
इतिहासों में नाम लिखाया मेरा देश
यारा प्यारा मेरा देश
सजा संवारा मेरा देश

क्रांति की तलवार में धार वैचारिक पत्थर पर रगड़ने से आती है

||जय हिन्द||

Patriotic Poem in Hindi For Independence Day – स्वतंत्रता संग्राम पर कविता

 Patriotic Poem in Hindi For Independence Day - स्वतंत्रता संग्राम पर कविता

संस्कार और संस्कृति की शान मिले ऐसे
हिन्दू मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले ऐसे
हम मिलजुल के रहे ऐसे की
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम मिले जैसे
ज़माने भर में मिलते है आशिक कई
मगर वतन से खुबसूरत कोई सनम नहीं होता
नोटों में भी लिपट कर सोने में सिमटकर मरे है कई
मगर तिरंगे से खुबसूरत कोई कफ़न नहीं होता
दे सलामी इस तिरंगे को
जिस से तेरी शान है
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका
जब तक दिल में जान है
रात के अंधियारों में
जब तक रुतवा रहेगा चाँद का
कारगिल की चोटियों पर
तब तक फैरता रहेगा तिरंगा शान का
धरती क्या आसमान में
डंका बजेगा हिंदुस्तान नाम का
कीमत करो शहीदों की
वो देश पर कुर्बान हुए
सिर्फ दो दिनों की मोहताज नहीं है देश भक्ति
नागरिकों की एकता ही है देश की असल शक्ति
ना हिन्दू बन कर देखो
ना मुस्लिम बन कर देखो
बेटों की इस लड़ाई में
दुःख भरी भारत माँ को देखो
विकसित होता राष्ट्र हमारा
रंग लाती हर कुर्बानी है
फक्र से अपना परिचय देते
हम सारे हिन्दुस्तानी है
चढ़ गये जो हसंकर सूली
खाई जिन्होंने सीने पर गोली
हम उनको प्रणाम करते है
जो मिट गये देश पर
हम सब उनको सलाम करते है’
तलवार उठाने से पहले तुम इसलिए
मिट जाने वालों का गौरव गान करो
आरती सजाने से पहले तुम इसलिए
आजादी के परवानो का सम्मान करों
आओ झुक कर सलाम करे उनको
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है
खुशनसीब होता है वो खून
जो देश के काम आता है

ये बात हवाओ को बताये रखना रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना
लहू देकर जिसकी हिफाज़त हमने ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना

||वन्दे मातरम||

Swatantrata Diwas Par Kavita in Hindi – 15 अगस्त पर बाल कविता

Swatantrata Diwas Par Kavita in Hindi - 15 अगस्त पर बाल कविता

मुझको मेरा देश पसंद है
इसका हर संदेश पसंद है
इसकी मिट्टी में मुझको
आती सोंधी सी सुगंध है
इसकी हर एक बात निराली है
इसकी हर सौगात निराली है

इसके वीरो की की गाथा सुन
आती एक नई उमंग है
कितनी भाषा कितने लोग
हर एक की नई नई सोच
संस्कृति सभ्यता भले हो भिन्न पर

मिलते एकता के चिन्ह
जो गर देश पर आ जाये आंच
एक होकर सब आते साथ
मेरा देश है बड़ा महान
ये है एक गुणों की खान

देखली हमने सारी दुनिया
पर देखा ना भारत जैसा
इस मिट्टी में जनम लिया है
इसकी हवाओ की ठंडक से
साँसे पाती नया जनम है
मुझको मेरा देश पसंद है

जो अब तक ना खौला, वो खून नहीं पानी है, जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है 

||जय हिन्द||

Patriotic Poems in Hindi by A.P.J Abdul Kalam – 15 अगस्त पर कविता हिंदी में

Patriotic Poems in Hindi by A.P.J Abdul Kalam - स्वतंत्रता पर कविता

भारत माता की शान हूँ मै ए.पी.जे अब्दुल कलाम हूँ मै
जो वन्देमातरम कहकर गर्व से फुल जाए वो मुस्लमान हूँ में
मैंने देखा था अजब नजारा जब मै मौत की नींद में सोया था
तो हिन्दू या मुसलमान नहीं पूरा हिंदुस्तान रोया था
जो कर सकता था वो सब कुछ किया मैंने अपने देश के लिए
अपने जीवन का एक एक पल जिया अपने देश के लिए
अब मेरे हिंदुस्तान को सवारों और सम्भालों तुम
देश के दुश्मनों से मेरे देश को बचा लो तुम
मेरे भारत को फिर विश्ब्व गुरु बनाना है तुम्हे भारत को फिर
दुनिया का सिरमौर बनाना है तुम्हे
जो सपने मैंने अपने भारत के लिए देखे है
उन सपनो को सच कर दिखाना है तुम्हे
याद रखो जो देशभक्त हो वही हिन्दू या मुसलमान होता है
जो गदार हो वो तो बस गदार होता है इस धरती पर भार होता है
हर गली मुहल्ले में देशभक्ति की अलख जगा दो तुम
हर देशभक्त को अब्दुल कलाम बना दो तुम

सरफरोशी की तम्मना अब हमारे दिल में है देखना है जोर कितना बाजू-ऐ-कातिल में है

||जय हिन्द||

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स्‍वतंत्रता दिवस ⇓

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