शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस पर भाषण – टीचर डे पर मोटिवेशनल स्पीच हिंदी में

शिक्षक दिवस पर भाषण
Written by HindiMeStatus

नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका आपकी अपनी वेबसाइट HINDIMESTATUS.com पर| शिक्षक दिवस के अवसर पर आज हम आपके लिए शिक्षक दिवस पर भाषण का बेस्ट कलेक्शन लेकर आये है.

जीवन में शिक्षक का महत्व सबसे बड़ा महत्व होता है| अगर हमारी जिंदगी में शिक्षक ना हो तो हम कभी भी सही राह पर नहीं चल पाएंगे| अगर हम कुछ भी गलती करते है तो उसका सुधार सिर्फ शिक्षक ही करते है.

हमारे शिक्षक हमे डाटते भी है तो सिर्फ हमारे भले के लिए क्योंकि वो गलती हम जीवन में फिर ना दोहराए| हमारे जीवन में शिक्षक की अलग ही भूमिका होती है.

माँ-बाप तो बच्चे को जन्म देते है लेकिन उसका जीवन शिक्षक बनाते है उसे अच्छी से अच्छी शिक्षा देकर|

अगर शिक्षक ना हो तो एक बेहतर राष्ट्र का निर्माण नहीं हो सकता और ना ही हमारे सही जीवन का संचालन|

अगर आप के पास बहुत महंगी गाड़ी है लेकिन वो आपको चलानी नहीं आती तो उसका कोई फायदा नहीं है| उस वक्त ही आपको एक अच्छे शिक्षक की जरुरत पड़ेगी| उसी प्रकार हमे एक अच्छा इंशान बनने के लिए शिक्षक की जरूरत पड़ती है.

पुरे साल में एक दिन सिर्फ शिक्षको के लिए है शिक्षक दिवस यह प्रतेक वर्ष 5 सितम्बर को भारतवर्ष में धूम धाम के साथ मनाया जाता है| इस दिन सभी छात्र अपने शिक्षक के लिए कुछ ना कुछ सपराईज जरुर रखते होंगे और करे भी क्यों ना वो इसके काबिल है.

बहुत से स्कूलो में टीचर्स डे वाले दिन इवेंट या फिर कोई फंक्शन होता होगा जिसमे बच्चो को स्पीच लिख कर लाने को कहा जाता होगा| इसलिए मै आपके लिए लाया हूँ 2018 की टीचर्स डे स्पीच इन हिंदी का बेस्ट कलेक्शन जिसे आप अपने स्कूल या क्लास में सुना सकते हो और लिख कर दिखा भी सकते हो.

शिक्षक दिवस पर भाषण को आप ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर शेयर कीजिये जिससे की और लोग भी देख सके और खुद भी इस्तमाल कर सके| आप इन्हें कॉपी पेस्ट भी कर सकते है| तो चलिए टीचर्स डे स्पीच इन हिंदी का लेख पड़ना शुरू करते है.

Teachers Day Speech in Hindi by Student – शिक्षक दिवस पर भाषण

Teachers Day Speech in Hindi by Student

भारत में 5 सितम्बर को प्रति वर्ष शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है| वास्तव में यह दिन सर्वपल्ली राधा कृष्णन का जन्म दिवस है| इन्होने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया इसलिए उनकी स्मृति एवम उनके कार्य को श्रद्धांजली देते हुए इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है.

अगर आज हम राजनीति में राधाकृष्ण की तरह किसी को देखते तो पहला नाम हमारे जहन में डॉ, एपीजे अब्दुल कलाम का आता है| इन्होने अपना पूरा जीवन कुछ सिखने और सिखाने में लगाया| वे सदेव खुद को एक शिक्षक के रूप में ही उजगार करते थे और इसी के साथ उन्होंने जीवन से रुक्सत ली.

एक सफल शिक्षक वही है जिसमे सकारात्मकता हो और जो कभी ना खुद उम्मीद का दामन छोड़े और नाही कभी अपने शिष्य को छोड़ने दे| अगर एक शिक्षक ही उम्मीद ना रखे तो एक शिष्य को भी जीवन का सही रास्ता नहीं मिल सकेगा| इससे बाहर की दुनिया एवम उससे जुड़े सही और गलत रास्तो का चयन एक शिष्य अपने शिक्षक के माध्यम से ही सिखाता है.

जैसा की अनमोल वचन में लिखा है एक शिक्षक ही देश भक्त और आतंकवादी बन सकता है| इस एक लाइन में यही है की शिक्षक ही मार्गदर्शन देता है| उसके बताये गये रास्ते पर शिष्य आँख मुंद कर चलता है| अगर शिक्षक दिन को रात कह दे तो एक शिष्य दिन रात यह सुनने के बाद उस असत्य को भी सत्य मान लेता है क्यूंकि शिष्य एक कच्ची मिट्टी की तरह है.

उसे जिस रूप में ढालेंगे वो वही रूप ले लेता है| इसी कारण ही एक समाज निर्माण में शिक्षक की भूमिका अहम् होती है| शिक्षक एक विशेष उत्तरदायित्व का वहन करता है| किसी देश के निर्माण में माता पिता के बाद शिक्षक का ही विशेष स्थान का ही विशेष स्थान है|

एक व्यक्ति जब सफलता की बुलंदियों को छूता है| तब उसी का नाम जगत में उजगार होता है| उस ऊँचे पद पर कभी उसका शिक्षक विराजमान नहीं होता लेकीन यह भी सत्य है की बिना शिक्षक के वह व्यक्ति उन ऊंचाई तक नहीं पहुँच सकता था| अत: सफलता में एक शिक्षक का बलिदान मूक बलिदान होता है|

सचिन तेंदुलकर जी को पूरा विश्व में कौन नहीं जानता है| इस महान खिलाडी ने अपनी मेहनत से देश का नाम उजागर किया| देश को एक नयी पहचान दी लेकिन सचिन को दा सचिन बनाने के श्रेय उनके कोच रामकांत आच्रेकर को जाता है| रामकांत आच्रेकर को दुनिया उनके वास्तविक परिचय से नहीं अपितु सचिन के कोच के नाम से जानती है.

यही एक शिक्षक का सबसे बड़ा बलिदान होता है| वह सफलता का सबसे अनमोल बिंदु है पर उसे उस बुलंदी पर स्थान प्राप्त नहीं होता| यही कारण है की सदेव कहा जाता है की शिक्षक एक दीपक की तरह होता है जो स्वयं जलकर दुसरो को उजाला देता है.

समय और असफलता एक शिक्षक की भूमिका अदा करती है समय एक ऐसा मापदंड है जो बीताते – बीताते मनुष्य को उसकी करनी का फल देता है| जिससे मनुष्य सबसे अधिक सीखता है| लेकिन कभी – कभी मनुष्य उसे अनदेखा कर इतना आगे निकल आता है की वक्त उसे सीखकर सुधारने का मौका नहीं दे पाता.

इस तरह वक्त एक सख्त शिक्षक की तरह होता है जिसे समय पर समझ लिया तो सफलता मनुष्य के कदमो में होती है और अगर नजर अंदाज़ किया तो सफलता केवल सपनो में ही सिमट कर रह जाती है.

“सफल जीवन सजता है सपनो से
जो मिलता है किसी गुरु की दस्तक से
जीवन सूर्य सा प्रकाशित हो उठता है
जन साथ एक सच्चे गुरु का मिलता है”

5 September Teachers Day Speech in Hindi – बेस्ट स्पीच ऑन टीचर्स डे इन हिंदी

5 September Teachers Day Speech in Hindi

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षक व शिक्षिकाएं और मेरे प्यारे सहपाठियों को मेरा नमस्ते। आज हम सभी यहाँ सबसे सम्मानीय समारोह, शिक्षक दिवस को मनाने के लिए उपस्थित हैं। वास्तव में, यह पूरे भारत में, विद्यार्थियों के लिए सबसे सम्मानपूर्ण अवसर है, जब वो अपने शिक्षिकों को उनके द्वारा प्रदान किए गए ज्ञान के रास्ते के लिये, उन्हें आभार प्रकट करते हैं।

यह आज्ञाकारी छात्रों के द्वारा अपने शिक्षकों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इसलिए, प्यारे साथियों, अपने अध्यापकों को तहे दिल से सम्मान देने के लिए इस उत्सव को मनाने में शामिल हो जाओ।

सारी दुनियाँ का प्रकाश और अँधेरे में आशा की किरण जो हमे जीवित रहने की ताकत देती है, वह हमारे शिक्षक है| हर साल की तरह, इस साल भी हम शिक्षक दिवस मानाने के लिए यहाँ इकट्ठे हुए है| हर साल 5 सितम्बर को हम शिक्षक दिवस मानाने है| शिक्षक दिवस प्रतिभाशाली आत्माओ का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है| जो यह सुनिश्चित करने के लिए रोजाना काम करते है की हमारा भविष्य कैसे उज्जवल हो|

5 सितम्बर को हम डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्ण जयंती मानते है और शिक्षक दिवस उनके जन्मदिन की याद में मनाया जाता है| देश के राष्ट्रपति के रूप में वे एक सफल नेता होने के साथ – साथ एक विद्वान और उत्कृष्ट शिक्षक थे| डॉ राधाकृष्ण ने एक शिक्षक के रूप में तथा भारत के दुसरे राष्ट्रपति के रूप में देश की उन्नति में एक बड़ा योगदान दिया|

इस विशेष अवसर पर, मै यहाँ एकत्रित सभी शिक्षको को मेरी शुभकामानाये और बधाई देना चाहता हूँ, जिन्होंने मुझे सफलता प्राप्त करने में मदद की है| जैसा की हम सभी जानते है की ‘शिक्षक’ को परिभाषित करना असंभव है क्योंकि शिक्षक न केवल हमे शिक्षा प्रदान करते है, बल्कि छात्रो को सही मार्ग दिखाने में भी मदद करते है|

वे हमारे चरित्र में मूल्य जोड़ते है और हमे देश के आदर्श नागरिक बनाते है| शिक्षक हमारे दुसरे माता – पिता है| शिक्षक हमे प्रभावित करने और प्रेरणा देने में एक प्रमुख भूमिका निभाते है| प्रतेक छात्र अपने शिक्षकों के आदर्शों पर चलने का प्रयास करता है| शिक्षक दिवस छात्रों को शिक्षकों को सम्मान देने का और उनके आभारी होने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है|

शिक्षक हमारे समाज की रीढ़ की हड्डी है| वे छात्रो के व्यक्तित्व को आकार देने और उन्हें देश के आदर्श नागरिक बनाने में मदद करते है| क्योंकि राष्ट्र के विकास, और कल्याण में छात्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है, इसलिए हमे यह मानना चाहिए कि शिक्षण एक महान कार्य है|

एक कहावत है की शिक्षक माता – पिता से बढकर होते है| माता – पिता एक बच्चे को जन्म देते है, जबकि शिक्षक उस बच्चे के व्यक्तित्व को बनाते है और एक उज्जवल भविष्य प्रदान करते है| वे ज्ञान और ज्ञान का श्रोत है| उनमे से विचारो और संकेतो के द्वारा हमे जो ज्ञान मिलता है वही समाज को प्रदान करते है|

आज हमे शिक्षको को उनके अवांछित प्रयासों के लिए नमन करना चाहिए और आज के दिन मै उन सभी शिक्षकों को सम्मान देता हूँ, जिन्होंने हमे आगे बढ़ाने में योगदान दिया| उनका योगदान न केवल स्कूलों तक ही सिमित है बल्कि यह समाज और देश तक फैलता है|

“जीवन जितना सजता है माता – पिता के प्यार से
उतना ही महकता है गुरु के आशीर्वाद से”

Short Teachers Day Speech in Hindi – शिक्षक दिवस पर भाषण हिंदी में

Short Teachers Day Speech in Hindi

माननीय प्रधानाचार्य जी, आदरणीय अध्यापकगण, और मेरे साथियों, शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर मै आप सबको बहुत बहुत बधाई देती हूँ|

आजका यह शुभ दिन हम सब के लिए बहुत महत्वपूर्ण है| आज हम सब मिलकर ये संकल्प लेंगे की हम अपने अध्यापकों की सेवाएँ और उनके द्वारा दिए गए परवचनों को मरते दम तक याद रखेंगे.

यह कहा जाता है की जो हाथ सेवा के लिए उठते है वे प्रारर्थाना करने वाले होंठो से कही अधिक पवित्र होते है| हमारे अध्यापकगण इस कहावत के सही अर्थों में प्रतिक है| कोई भी काम एक अध्यापक के काम जैसा महान और पवित्र नहीं है|

अध्यापकगण को एक बड़ा वेतन मिले या न मिले, परन्तु जब अपनी पढाई ख़त्म करने के बाद, कोई उसका शिष्य आकर, उसे यह बताता है की जीवन में वह जो कुछ भी वह बन पाया है, वह उसके अध्यापक द्वारा दिए हुए ज्ञान के कारण ही हुआ है| तब उस अध्यापक की ख़ुशी की सीमा नहीं मापी जा सकती|

आप अंदाजा भी नही लगा सकते की यह सुनकर अध्यापक के मन को कितनी ख़ुशी होती होगी|

यह एक ऐसी ख़ुशी है जो शायद हम लाखो की दौलत कमाकर भी हासिल नहीं कर सकते| अध्यापक एक शिल्पकर की तरह है| जैसे एक शिल्पकर टेड़े – मेढे पत्थरों को तराश कर एक सुँदर मूर्ति बना देता है, वैसे ही एक अध्यापक छोटे – छोटे अशिक्षित छात्रो को शिक्षित करके उन्हें जीवन की राह दिखता है.

ज्ञान तभी काम आता है, यदि उसे बाटां जाए|

अध्यापक ज्ञान बाटने जैसा बहुत ही महत्वपूर्ण काम करते है|

ये प्रथा तो पुरातन काल से चली आ रही है, तभी तो आज का युग ज्ञान से भरपूर हो गया है| ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती, और आने वाले समय में, अध्यापकों के निरंतर प्रयत्न से यह ज्ञान बढ़ता ही रहेगा|

किसी भी देश के अध्यापक उस देश के निर्माण का बहुत ही बड़ा भाग होते है| देश के भविष्य का सही निर्देश अध्यापक ही कर सकते है| इसलिए आओ हम सब मिलकर अपने अध्यापकों के लिए मंगल कामना करे|

“शिक्षक है एक दीपक की छवि
जो जलकर दे दूसरों को रवि
ना रखता वो कोई ख्वाइश बड़ी
बस शिष्य की सफलता ही है खुशियों की लड़ी “

शिक्षक दिवस पर भाषण पर लिखा गया लेख अगर आपको पसंद आये तो आप इसे फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्विटर इत्यादि पर जरुर शेयर करे| अगर आपको कोई स्पीच आती है और आप उसे हमारी वेबसाइट पर अपलोड करवाना चाहते है तो फिर आप हमे कमेंट बॉक्स में लिख सकते है.

हम आपके लिए ऐसी नए – नए लेख लेकर आते रहेंगे| इसलिए आप हमारी वेबसाइट का नोटिफिकेशन ओन कर ले जिससे आपको हमारे हर लेख की जानकारी मिलती रह करेगी.

आपको HindiMeStatus.com टीम की और से शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ| 🙂

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