मातृ दिवस

माँ पर कविता – माँ की ममता पर रुला देने वाली कविता

माँ पर कविता हिंदी में
Written by HindiMeStatus

आज का हमारा शीर्षक है: माँ पर कविता – माँ की ममता पर रुला देने वाली कविता|

नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है आपकी अपनी वेबसाइट HINDIMESTATUS.com पर तो चलिए लेख पड़ना शुरू करते है.

हम सभी मदर्स डे हर साल मई के दुसरे रविवार को मनाते है| यह दिन माँ के लिए बहुत खास दिन होता है| मदर्स डे एक ऐसा दिन होता है जो बच्चा अपनी माँ के लिए खासतोर से मनाता है.

इस दिन आप को मदर्स डे कविता की बहुत जरुरत पड़ती होगी तो आप टेंशन मत लीजिये क्योकि आज मै आपके लिए लेकर आया हूँ 2018 की मदर डे कविता का बेस्ट कलेक्शन|

आप इन कविताओ को मदर्स डे वाले दिन सोशल मीडिया पर अपनी मम्मी को शेयर करे जिससे आपकी मम्मी बहुत पर्सन होगी.

इन कविता को आप अपने स्कूल में सुना सकते हो या फिर रिटेन वर्क में लिख सकते है|

अगर आप चाहते है की आप अपनी मम्मी को सोशल मीडिया पर कविता लिख कर भेजे तो ये मुमकिन है आप इन कविता को पढ़े और शेयर करे.

आप इन कविता को कॉपी पेस्ट भी कर सकते है जिसको आप नीचे पढोगे.

Maa Par Kavita Hindi Main – माँ पर कविता इन हिंदी

Maa Par Kavita Hindi Main

माँ पर कवितायेँ 

माँ कहने को तो शब्द बहुत छोटा है पर इस शब्द की गहराई को कोई नाप
नहीं सकता है| हम दुनिया के लिए बेसक कुछ भी नहीं है पर हर इन्सान अपनी
माँ के लिए सब कुछ होता है एक औरत अपनी जिन्दगी अपने बच्चे अपने परिवार
के लिए समर्पित कर दे और बदले में प्यार के सिवा कुछ ना मांगे वो सिर्फ एक माँ
हो सकती है एक माँ का दिल ही इतना बड़ा हो सकता है

Emotional Kavita on Mother in Hindi- मातृ दिवस पर रुला देने वाली कविता

Emotional Kavita on Mother in Hindi

माँ पर कविता हिंदी में

घुटनों से रेंगते-रेंगते,
कब पैरो पर खड़ा हुआ|
तेरी ममता की छाव मे,
जाने कब बड़ा हुआ|

कला टिका दूध मलाई,
आज भी सब कुछ वेसा है|
में ही में हूँ हर जगह,
प्यार ये तेरा कैसा है?

सीधा साधा भोला भला,
में ही सबसे अच्छा हूँ|
कितना भी हो जाऊ बड़ा,
माँ! आज भी में तेरा बच्चा हूँ|

Mother’s Day Special Kavita – माँ पर मार्मिक कविता इन हिंदी

mother's day special kavita - माँ पर मार्मिक कविता इन हिंदी

Mothers Day Poem in Hindi

हमारे हर मर्ज की दावा होती है माँ,
कभी डाट ती है हमे तो कभी गले लगा लेती है माँ|

हमारी आँखों के अंशु अपनी आँखों में समां लेती है माँ
अपने होठो की हंसी हम पर लुटा देती है माँ,

हमारी खुशियों में सामिल होकर अपने गम भुला देती है माँ|
जब भी कभी ठोकर लगे हमे याद आती है माँ,

दुनिया की तपिश में हमे अंचल की शीतल छाया देती है माँ|
खुद चाहे कितनी भी थकी हो हमे देख कर अपनी थकान भुला जाती है माँ,

प्यार भरे हाथो से हमेशा हमारी थकान मिटा देती है माँ|
बात जब भी हो लालिज खाने की तो हमे याद आती है माँ,

रिस्तो को खूबसूरती से निभाहना सिखाती है माँ|
लवजो मे जिसे बाया नहीं किया जा साके ऐसी होती है माँ,
भगवान भी जिसकी ममता के आगे छुक जाये ऐसी होती है माँ|

Mother kavita on Maa Ki Mamta – माँ के ऊपर प्यार भरी और रुला देने वाली कविता

Mother kavita on Maa Ki Mamta - माँ के ऊपर प्यार भरी और रुला देने वाली कविता

यह कविता आपको रुला देगी

सब का गम में कागज पे लिखता हूँ आज सोचा की माँ
तेरी दास्ताँ भी बयान कर दूँ वैसे तो मेरी हर साँस तेरी रहमत की
मोहताज है मगर में आज सबके सामने अपनी जिन्दगी तेरे नाम कर दूँ
मैंने अपनी आँखों के सामने जब-जब तुझे बिलकता देखा है माँ तब-तब

अपने दिल को धडकने से रोका है मुझे तो याद नहीं वो मंज़र बचपन का
लेकिन लोगो से में तेरी दांस्ता सुनता आया हूँ तुझे तकलीफों के बदले लाख
खुशियां दू में| माँ में ऐसे लाखो सपने आजतक बुनता आया हूँ मै सुना है तू
अपने एक बेटे को खो कर टूट सी गयी थी| तब कितनी मन्नतो के बाद रब ने

मुझे भेजकर तेरी गोद फिर से भरी थी| खुशी से तू फूलसिमटी नहीं थी कहते है
बार-बार मेरा माथा चूमती थी| सुना है उस वक्त तूने मेरे लिए खाना पीना छोड़
दिया था| मुझे तूने सिने से लगा कर जहाँन से मुह मोड़ लिया था| टूटी हुए छतो
पर से जब रातो को पानी टपक था| तब सुना है माँ जब तेरी ममता का अमृत मुझ पर

बरसता था| तू पानी वाली जगह पर खुद लेट जाती थी कही मुझे कुछ ना हो जाये
इस बात से तू दर ती थी| हमेशा तूने सबसे ज्यादा मुझको चाह है| हमेशा सब ने
मुझसे यही कहा है| मेरे दुःख के वक्त बस एक तू ही थी जिसने मुझे समजा था
मै क्या चाहता हूँ यह तूने बिना कहे जाना था| सारा-सारा दिन मेरी सलमती के लिए

रब से दुआए मांगती रहती थी| मुझे उठा ले लेकिन मेरे बेटे को ठीक कर दे तू
बार-बार रब से यह कहती थी| तेरे इतने अहसानों के बदले में आज तक तुझे क्या
दे पाया हूँ तेरी जिन्दगी का गम मै रदी भर भी कम नहीं कर पाया हु| उम्मीद है
की आगे कुछ मै एसा कुछ करके दिख लूँगा मै अपनी माँ की सारी खुशियों

को पूरा कर जाऊंगा| बस एक खुईश पूरी हो मेरा रब मेहरबान हो मुझ पर जब
मै दुनिया से जाऊ तो मेरा भी नाम बेटो के लायक हो

Heart Touching kavita on Mother in Hindi – दिल को छू जाने वाली कविता इन हिंदी

Heart Touching kavita on Mother in Hindi - दिल को छू जाने वाली कविता इन हिंदी

माँ पर कविता

लब्बो पर उसके कभी बदुआ नहीं होती
बस एक माँ है जो कभी खफा नहीं होती
इस तरह वो मेरे गुन्हो को धो देती है

माँ बहुत गुस्से में होती है तो बस रो देती है
मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आंसु
मुदतो माँ ने नहीं धोया दुपटा अपना

अभी जिन्दा है मेरी माँ मुझे कुछ नहीं होगा
मै जब घर से निकलता हूँ तो दुआ भी साथ चलती है मेरे
जब भी कश्ती मेरी शेलाब में आ जाती है

माँ दुआ करती हुई खुआब में आ जाती है
ए अँधेरे देख ले तेरा मुंह कला हो गया
माँ ने आंखे खोल दी और घर में उजाला हो गया

मेरी खुआइश है की मै फिर से फ़रिश्ता हो जाऊ
माँ से इस तरह लिपटू की फिर से बच्चा हो जाऊ

माँ के यूँ कभी खुलकर नहीं रोना
जहाँ बुनियाद होती है वहा इतनी नमी अच्छी नहीं होती

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आप हमे कमेंट बॉक्स में लिख कर बता सकते है की आपको हमारा लेखा कैसा लगा अथवा अपनी माँ के लिए आप कुछ शब्द भी लिख सकते हो|

हम आपके लिए एसी नई – नई लेख लेकर आते रहेंगे| अगर आपको हमारे लेख की जानकारी समय समय पर चाहिए तो आप हमारी वेबसाइट की नोटिफिकेशन ओन कर ले जिसे आपको सारे लेख की जानकारी मिलती रह करेगी.

आपको HindiMeStatus.com टीम की और से मदर्स डे की हार्दिक शुभकामनाएँ|

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1 Comment

  • स्याही खत्म हो गयी “माँ” लिखते-लिखते
    उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थी।

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