स्वतंत्रता दिवस पर देश भक्ति भाषण सभी देशवासियों के लिए !

जय हिन्द दोस्तों, आपका स्वागत है आपकी अपनी वेबसाइट HindiMeStatus.com पर, आपको यह जानकर बहुत खुशी होगी की हम आपके लिए लेकर आये है देश भक्ति भाषण का बेस्ट कलेक्शन जिसको आप 26 जनवरी और 15 अगस्त के दिन इस्तेमाल कर सको.

15 अगस्त 1947 को हमारा भारत आजाद हुआ था| तभी से 15 अगस्त का दिन भारतीयों के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन हो गया था| हम सभी अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते की हमारे पूर्वजों के कितने संघर्षो के बाद यह भारत आजाद हुआ था.

हमारे देश को पहले सोने की चिड़िया कहा जाता था लेकिन जब से हमारा देश ब्रिटिश शासन का गुलाम हुआ उन्होंने हमारे देश को लुट लिया| जिस दिन हमारा देश आजाद हुआ उस दिन हमारे देश की स्तिथि बहुत ख़राब थी हमारे देश के पास कुछ नहीं बचा था.

आजादी के बाद हमारे देश में सविधान बने, वो लागू किये गए फिर धीरे – धीरे सरकारे बनी| ऐसे करते – करते हमारा देश सही राह पर आ पाया है| आज हमारी आजादी को पुरे 72 साल पुरे हो जायेंगे.

15 अगस्त सभी को बहुत धूमधाम से मनाना चाहिए क्योकि इस दिन हमारा देश आजाद हुआ था| अगर इस दिन हमारा देश आजाद ना होता तो हम कोइ भी त्यौहार नहीं मना पाते.

15 अगस्त वाले दिन पुरे भारत के विधायालो में बड़ी धूम धाम के साथ इस दिन का स्वागत होता है और सभी बच्चे इसमें बड चढ़ कर हिस्सा लेते है.

कई बच्चे देश भक्ति भाषण भी सुनाते है और जो बच्चे देशभक्ति पर भाषण ढूंढ नहीं पाते है उनके लिए हम 15 अगस्त पर भाषण लिखते है.

यह 15 अगस्त पर भाषण बहुत ही सुंदर और शानदार है| यह भाषण सभी को बहुत पसंद आएगा और यह सबके मन को बहुत भायेगा.

देश भक्ति भाषण को आप ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर शेयर कीजिये जिससे की और लोग भी देख सके और खुद भी इस्तमाल कर सके| आप इन्हें कॉपी पेस्ट भी कर सकते है| तो चलिए लेख पड़ना शुरू करते है.

सबकी पसंद : 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण (देशभक्ति स्पीच) हिंदी में

बेस्ट देश भक्ति भाषण हिंदी में – Speech on Patriotism in Hindi

Speech on Patriotism in Hindi

आदरणीय प्रधानाचार्यजी, अध्यापकगण और मेरे प्यारे मित्रो आज हम सभी यहाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए है|

सदियों की गुलामी के पश्चात् हमारा भारत देश 15 अगस्त सन् 1947 के दिन आजाद हुआ| पहले हम अंग्रेजों के गुलाम थे| उनके बढते हुए आत्याचारों से सारे भारतवासी शस्त्र हो गए और तब विद्रोह की ज्वाला भड़की और देश के अनेक वीरों ने प्राणों की बाजी लगाईं, गोलियां खाई और अंतत: आजादी आजादी पाकर ही चैन लिया.

इस दिन हमारा देश आजाद हुआ, इसलिए इसे स्वतंत्रता दिवस कहते है| अंग्रेजों के आत्याचारों और अमानविय व्यह्वारों से शस्त्र भारतीय जनता एकजुट हो इससे छुटकारा पाने हेतु कृतसंकल्प हो गई| सुभाषचंद बोस, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद ने आजादी की आग फैलाई और अपने प्राणों की आहुति दी.

तत्पश्चात सरदार वल्ल्भभाई पटेल, गांधी जी, नहरू जी ने सत्य, अहिंसा और बिना हथियारों की लड़ाई लड़ी| सत्यगृह आन्दोलन किये, लाठियां खाई, कई बार जेल गए और अंग्रेजों को हमारा देश छोड़कर जाने को मजबूर कर दिया.

इस तरह 15 अगस्त 1947 का दिन हमारे लिए ‘स्वर्णिम दिन’ बना और हमारा देश स्वतंत्रत हो गया.

यह दिन 1947 से आज तक हम बड़े उत्सव और प्रसन्नता के साथ मनाते चले आ रहे है| इस दिन सभी विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है| राष्ट्रीयगीत गया जाता है और इन सभी महापुरुषों, शहीदों को श्रधांजलि दी जाती है जिन्होंने स्वतंत्रता हेतु प्रयत्न किए| मिठाइयाँ बाटी जाती है.

हमारी राजधानी दिल्ली में हमारे प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते है| वहां यहाँ त्यौहार बड़ी धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया जाता है| सभी शहीदों को श्रधांजलि दी जाती है| प्रधानमंत्री राष्ट के नाम संदेश देते है| अनेक सभाओ और कर्येक्रमो का आयोजन किया जाता है.

इस दिन का एतिहासिक महत्व है| इस दिन की याद आते ही उन शहीदों के प्रति श्रधा से मस्तक अपने आप ही छुक जाता है जिन्होंने स्वतंत्रता के श्रज्ञ में अपने प्राणों की आहुति दी इसलिए हमारा पुन्हित कर्तव्य है की हम हमारे स्वतंत्रता की रक्षा करें| देश का नाम विश्व में रोशन हो, ऐसा कार्य करे| देश की प्रगति के साधक बने न की बाधक.

इस देश के नागरिक होने के नाते हमारा ये फर्ज बनता है की घुस, जमाखोरी, कालाबाजारी को देश से समाप्त करें| भारत के नागरिक होने के नाते स्वतंत्रता का न तो दुरूपयोग करें और न दुसरे को करने दे| एकता की भावना से रहे और अलगाव, आंतरिक कलह से बचे|

||जय हिन्द ||

सबकी पसंद : देश प्रेम की भावना को जागरूकता करने के लिए सभी देशभक्तों के लिए देश भक्ति गीत हिंदी में

15 अगस्त पर रुला देने वाला देश भक्ति भाषण हिंदी में – Independence Day Desh Bhakti Speech in Hindi

आदरणीय प्रधानाचार्यजी, अध्यापकगण और मेरे प्यारे मित्रो, आज हम सभी यहाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए है| आज ही के दिन 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की गुलामी से हमारे देश को आजादी मिली थी.

आजादी का क्या मतलब है ?

आजादी कहने को सिर्फ एक शब्द है लेकिन इसकी भव्यता को कोई भी शब्दों में नहीं बांध सकता.

आजादी का अर्थ है – विकाश के पथ पर आगे बढकर देश और समाज को ऐसी दिशा देना, जिससे हमारे देश की संस्कृति की सोंधी खुशबु चारों और फ़ैल सके.

आजादी का मूल्य देश ने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, शुखदेव, शुभाषचंद्र बोस आदि के प्राण खोकर चुकाया है.

देश की आजादी की कहानी में शायद ही कोई ऐसा पन्ना हो जो आसुंओ से होकर ना गुजरा हो| झाँसी की रानी से गांधी जी के असहयोग आन्दोलन तक की मेहनत के बाद हमे आजादी प्राप्त हुई तो चलिए आज इस आजादी की कहानी पर एक नजर डाले.

सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महायज्ञ का प्रारम्भ झाँसी की रानी और मंगल पांडे ने किया और अपने प्राणों को भारत माता पर न्योछावर किया| देखते ही देखतें यह चिंगारी एक महासंग्राम में बदल गयी जिसमे पूरा देश कूद पड़ा.

इस आजादी के लिए तिलक ने ‘स्वराज्य हमारा जन्मसिद्धअधिकार है का सिंहनाद किया.

चंद्रशेखर आजाद ने अपना धर्म ही आजादी को बताया, भगतसिंह ने देशवासियों में देशभक्ति की जो लौ पैदा की वह अध्दुत है| इंट का जबाव पत्थर से देने की क्रांतिकारियों की ख्वाहिश का सम्मान यह देश को गर्व है की उससे इतिहास में अगर किसी को असली सुपरहीरो माना जाता है तो वह है हमारे नेताजी सुभाषचंद्र बोस.

सुभाष चंद्र बोस एक आम भारतीय ही थे| उच्च शिक्षा प्राप्त और अच्छे उज्जवल कंरियर को त्याग देश के महान हीरों ने दर-दर भटक कर देश की आजादी के लिए प्रियास किए|

महात्मा गांधी यूँ तो किसी परिचय के मोहताज नहीं लेकिन यह राष्ट्र उन्हें राष्ट्रपिता के रूप में जानता है| गांधीजी ने दुनिया को अहिंसा और असहयोग नाम के दो महा अस्त्र दिए.

‘अहिंसा’ और ‘असहयोग’ लेकर गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए महात्मा गाँधी ‘लौह पुरुष’ सरदार पटेल, चाचा नेहरु, बाल गंगाधर तिलक जैसे महापुरुषों ने कमर कस ली.

90 वर्षो के लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत को ‘स्वतंत्रता’ का वरदान मिला| वर्षों की गुलामी सहने और लाखों देशवासियों का जीवन खोने के बाद हमने यह बहुमूल्य आजादी पाई है| लेकिन आज की युवापीढ़ी आजादी का वास्तविक अर्थ भूलती जा रही है| पशिमी संस्कृति का अनुसरण कर वह अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत से दूर होती जा रही है| इस संदर्भ में किसी कवि ने खूब लिखा है:

“भगत सिंह इस बार ना लेना, काया भारतवासी की

क्यूंकि देशभक्ति के लिए आज भी सजा मिलेगी फांसी की’’

जिस आजादी के लिए हमने देश के कई महान वीरों की आहुति दी है उस आजादी को ऐसे बर्बाद करना ये सही नहीं है|

हमे देश को भ्रष्टाचार, गरीबी, नाश्खोरी, अज्ञानता से आजादी दिलाने की कोशिश करनी चाहिए.

देश को शायद आज एक नए स्वतंत्रता संग्राम की जरुरत है इस स्वतंत्र देश के नागरिक होने के नाते हमे अपने आप से ये नाता करना हैं की हम अपने देश को विकाश की उचाईयों तक ले जायेंगे और भारत को फिर से सोने की चिड़िया बनाएगे ताकि हमारे देशभक्तों और शहीदों का बलिदान व्यर्थ ना जाए|

|| जय हिंदी, जय भारत||

इन्हें भी पढ़े⇓

आपको सभी को स्वतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ| मै उम्मीद करता हूँ की आपको देश भक्ति भाषण पसंद आया होगा| आपको भाषण कैसा लगा हमको कमेंट करके जरूर बताये और इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर करें.

Leave a Reply