देश भक्ति

देशभक्ति का दिन 15 अगस्त

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Written by HindiMeStatus

नमस्कार दोस्तो आपका स्वागत है आपकी ही वैबसाइट “hindimestatus.com” पर।आज का शीर्षक है “देशभक्ति का दिन 15 अगस्त”।

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15 अगस्त यानि की स्वतन्त्रता दिवस या कहे आज़ादी वाला दिन ,वैसे तो हम सभी जानते हैं की 15 अगस्त को हमारा देश अँग्रेजी हुकूमत के ज़ुल्मो से आज़ाद हुआ था । इस आज़ादी को पाने के लिए ना जाने कितनी माँओ के बेटे कुर्बान हो गए थे ,कितनी ही सुहागिनों के सुहाग उजाड़ गए थे और कितने ही बच्चे अनाथ हो गए थे ।वो दौर अलग ही था जब नौजवानो के सिर आज़ादी पाने का जुनून सवार था ,अपनी जनमभूमि के लिए अपना सब कुछ त्यागने के लिए तैयार थी ,आज भी जब भगतसिंह की बात होती है तो आंखो मे आँसू आ जाते हैं की कैसे एक 23 साल का युवक हँसते-हँसते फांसी के फंदे पर लटक गया था।देश के लिए उनका वो प्यार ,वो त्याग आज भी अमर है।किसी ने क्या सोचा था की जो फिरंगी यहाँ व्यापार करने आए थे ,उन्होने आपसी फूट करके हम हिन्दुस्तानियो को अपना गुलाम बना लिया था।और इस गुलामी से आज़ादी पाने के लिए कितनी ही पीढ़ियो ने संघर्ष किया था।

ये सब बातें तो सबको पता हैं ,बोलने के लिए अच्छी भी लगती हैं।पर असल में इस आज़ादी की कीमत तो हम भूल ही चुके हैं ।हम भूल ही चुके हैं की शहीद स्वतन्त्रता सेनानियो ने अपने लहू से भारत की एक नयी कहानी लिखी थी । बहुत शर्म की बात है की 15 अगस्त वाले दिन ही हम को देशभक्ति याद आती है।बाकी दिन तो तो हिन्दुस्तानी होने से हमारा कोई वास्ता नहीं होता । जब बार्डर पर हमारे जवान शहीद होते हैं तो कुछ दिन तक हम को सहानुभूति होती है।बहुत सारे स्टेटस सोश्ल मीडिया पर लगाए जाते हैं। पर अपने फिल्म स्टार्स को हम देवतायो की तरह पूजते हैं।अँग्रेजी बोलने वाला हमारे समाज में इज्ज़त का पात्र बन जाते हैं और हिन्दी बोलने वाले उपहास का पात्र ।यहाँ तक की आज की पीढ़ी के लोग अपने बच्चो को सिर्फ अँग्रेजी बोलना सिखाते हैं।क्यूंकी हिन्दी को तो वो अनपढ़ लोगो का प्रतीक मानते हैं ना।

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आज़ादी तो मिल गयी पर हम सब विदेशी संस्कृति के गुलाम बन गए ।पूरे विश्व में भारत की संस्कृति का बोलबाला है।पर हम हिन्दुस्तानी ही हमारी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं।विदेशी पहनावा ,विदेशी बोलचाल ,विदेशी रहन-सहन को अब हम अपनी पहचान बनाने लगे हैं।
हमे ये समझना चाहिए की ये सब हमारी पहचान नहीं है।ये सब एक तिलिस्म की तरह हम को आकर्षित करते हैं।सच्चाई ये है की हमारा भारतवर्ष देवभूमि है,और देवता तक इस पावन भूमि पर अवतार लेने के लिए तरसते हैं।हम को तो खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए की हमने भारत की धरती पर जन्म लिया है।इस भूमि के कर्जदार हैं हम ।हम को अपनी जनमभूमि की,अपनी संस्कृति की ,अपने इतिहास की इज्ज़त करनी चाहिए।सिर्फ झंडे लहराने से या देशभक्ति गानो पर जोश में आने से या फिर देशभक्ति के स्टेटस लगाने से कुछ नहीं होता ,दिल में भी देश के लिए प्यार ,देश के लिए सम्मान होना चाहिए ।

सब जानते हैं की सरकारी नौकरी पाना ज़्यादातर नौजवानो के लिए सपना होता है।वो सरकारी नौकरी देश की सेवा के लिए नहीं बल्कि सरकारी सुविधायों के लिए और और अपने सुनहरे भविष्य के लिए करना चाहते हैं।अगर सच में सरकारी नौकरी देश के हित के लिए करते तो शायद हमारे देश में भ्रष्टाचार का इतना बोलबाला न होता।हमारे देश में औरतों को देवियों का दर्जा दिया जाता है और फिर भी बलत्कार जैसे घिनोने काम होते हैं।जिसके खिलाफ कुछ दिन तक मोमबत्तियाँ जलायी जाती हैं,धरने दिये जाते हैं,और थोड़े दिनों बाद सब भुला दिया जाता है ।

क्या इसी दिन के लिए हमारे स्वतन्त्रता सेनानियो ने अपने देश की कुर्बानी दी थी ।अंग्रेज़ो से तो आज़ाद हो गए पर अपनी ही मानसिकता के गुलाम बन गए । हम को ये समझना चाहिए की अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमारे देश का पतन निश्चित है ।हम सबको एकजुट होकर राष्ट्रहित के बारे में सोचना होगा ।हम को देश के प्रति अपने कर्तव्यो को समझना होगा।

दोस्तो जब सब मिलकर एक साथ स्वहित से ऊपर उठ कर देश की प्रगति के बारे में सोचेंगे तो निश्चय ही भविष्य में विकसित भारत की एक नयी तस्वीर होगी ।हमारा हिन्दुस्तानी होना बहुत ही गर्व की बात है,अपने दिल में अपने देश के प्रति अपने प्यार को हमेशा ज़िंदा रखना।

आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी कमेंट करके ज़रूर बताए।

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