Diwali

दीपावली पर निबंध – Essay on Diwali in Hindi For School Students

दीपावली पर निबंध हिंदी में
Written by HindiMeStatus

अँधेरा हुआ दूर रात के साथ नयी सुबह आई दिवाली के साथ अब आंखे खोलो देखों एक संदेश आया है दिवाली की शुभकामना साथ लाया है हैप्पी दिवाली|

नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका आपकी अपनी वेबसाइट HINDIMESTATUS.com पर| आज हम आपके लिए दीपावली पर निबंध का लेख लेकर आये है.

दीपावली का त्यौहार भारतवर्ष मे बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है| यह दीप का त्यौहार है इस दिन भगवान राम लंका पर विजय प्राप्त करके आयोध्य वापस लोटे थे तो अयोध्यावासियों ने उनका स्वागत तेल के दिये जलाकर किया था| इसलिए सभी लोग अपने घरो को दियो से सजाते है.

दीवाली दिन सभी के घरो मे तरह – तरह के पकवान बनते है और सभी लोग एक दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं देते है और मिठाई और गिफ्ट्स देते है| दीवाली के दिन शाम को लक्ष्मी पुजन होता है लक्ष्मी पुजन के बाद बच्चे पटाके चलाते है इस दिन पूरी रात जगमग रहती है.

दीवाली के एक दिन पहले सभी स्कूलो मे दीवाली मनाई जाती है और बच्चो को निबंध लिख कर लाने को कहा जाता है इसलिए हम आपके लिए लेकर आए है बहुत ही सुंदर और शानदार दिवाली पर निबंध का बेस्ट कलेक्शन जिसे आप अपने स्कूल मे लिख कर लेजा सकते हो और सुना भी सकते हो.

दीपावली पर निबंध को आप ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर शेयर कीजिये जिससे की और लोग भी देख सके और खुद भी इस्तमाल कर सके| आप इन्हें कॉपी पेस्ट भी कर सकते है| तो चलिए लेख पड़ना शुरू करते है.

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Diwali Essay in Hindi – दीपावली पर निबंध (350 शब्द)

दिवाली पर निबंध (350 शब्द)

भारत त्यौहारो की भूमि के रूप मे जाने वाला महान देश है| यहाँ प्रसिद्ध और सबसे मनाया जाने वाले त्यौहारो मे से एक दीपावली है| दिवाली हिन्दुओ का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, जो देशभर मे और साथ ही देश के बाहर हर साल मनाया जा रहा है| यह रोशनी का त्यौहार है, जो की लक्ष्मी के घर आने और बुराई से सच्चाई की जीत का प्रतीक है.

यह तब मनाया जाता है, जब 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम, सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटे थे और अयोध्या के लोगों ने उनका तेल का दीपक जलाकर स्वागत किया था| यही कारण है की इसे ‘प्रकाश का महोत्सव’ कहा जाता है.

इस दिन भगवान राम ने लंका के राक्षस राजा रावण को मार डाला ताकि पृथ्वी को बुरी गतिविधियो से बचाया जा सके| यह हिन्दू कैलेंडर द्वारा हर साल कार्तिक के महीने की अमावस्या पर मनाया जाता है| दीवाली के दिन हर कोई खुश होता है और एक दूसरे को बधाई देता है.

लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए लोग अपने घरो, कार्येलयों और दुकानों को साफ करते है और सफेदी भी करवाते है, वे अपने घरो को सजाते है, और दीपक जलाकर माता लक्ष्मी का स्वागत करते है.

दीवाली के त्यौहार मे पाँच दिन का जश्न है जिसे आनद और प्र्सन्नता के साथ मनाया जाता है|

दीवाली का पहला दिन धनतेरस के रूप मे जाना जाता है, दूसरे दिन नारक चतुदर्शी या छोटी दीवाली है, तीसरा दिन मुख्य दीपावली या लक्ष्मी पुजा है, चौथे दिन गोबर्धन पुजा है, और पांचवे दिन भैया दौज है.

दीवाली समारोह के पाँच दिनो मे से प्रत्येक का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक विश्वाश है| दीवाली त्यौहार पूरे देश का त्यौहार है| यह हमारे देश के प्रत्येक नुक्कड़ और कोने मे मनाया जाता है.

इस प्रकार यह त्यौहार भी लोगों के बीच एकता की भावना पैदा करता है| यह एकता का प्रतीक बन गया है| भारत इस त्यौहार को हजारो सालो से मना रहा है और आज भी इसे जशन और उललास के साथ मनाया जाता है, जो एतिहासिक और धार्मिक दोनों है.

हर घर में दिवाली हो, हर घर में दिया जले
जब तक ये रहे दुनिया जब तक संसार चले
दुःख, दर्द, उदासी से हर दिल महरूम रहे
पग पग उजियालो में जीवन की ज्योति जले

Essay on Diwali in Hindi For Student – दिवाली पर निबंध हिंदी में

दिवाली पर निबंध हिंदी में

दीवाली का पर्व भारत के सबसे बड़े त्यौहारो मे से एक है| वैसे तो यह हिन्दुओ का पर्व है लेकिन आजकल इसे अन्य समुदाय के लोग भी मनाते है|

दीवाली को प्रकाश का पर्व भी कहा जाता है| दीवाली की रात घरो को दीपो और प्रकाश की लड़ियों से सजाया जाता है, माता लक्ष्मी की पुजा की जाती है और लोग एक दूसरे को बधाई देते है.

ऐसा माना जाता है की दीवाली के दिन ही भगवान रामचन्द्र चौदह वर्ष का बनवास काटने के बाद अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे|

अयोध्यावासियों ने पूरी अयोध्या नगरी की सजा कर उनका तहे दिल से स्वागत किया था| तब से यह पर्व रौशनी का प्रतीक माना जाता है| घरो को दुल्हन की तरह सजाया जाता है|

दीवाली की तैयारी कई दिन पहले ही शुरू हो जाती है| घरो और अन्य स्थानो की सफाई शुरू कर देते है| ऐसा माना जाता है की भगवान लक्ष्मी, जो धन की देवी है, स्वच्छ स्थान पर ही आती है और रहती है|

बाजारो मे भी दीवाली की धूम साफ देखि जा सकती है| दुकान ग्राहको से भरा रहता है लोग अपने और अपने परिवार के लिए नए कपड़े खरीदते है|

मिठाई की दुकानों पर अच्छी ख़ासी भीड़ देखी जा सकती है| सोने के आभूषणो की बिक्री भी बढ़ जाती है| स्कूली बच्चो के लिए यह पर्व खुशियो की सौगात ले कर आता है| उन्हे दीवाली की लंबी छुट्टी मिलती है| वे इन छूटियों का भरपूर आनंद लेते है.

दीवाली मे पटाखो का इस्तेमाल खूब किया जाता है| जैसा की हम जानते है की पटाखे रसयान से बने होते है| जब वह जलते है तब कई हानिकारक गैसे उत्पन्न होती है, जो हमारे वातावरण को बुरी तरह प्र्दूषित करती है.

एक अनुमान के अनुसार दीवाली की रात बहुत बड़ी मात्रा मे विशेली गैसे वायुमंडल मे छोड़ दी जाती है| अतंत: ये गैसे स्वास के द्वारा हमारे शरीर मे प्रवेश कर हुमे हानी पहुँचती है|

दीवाली प्रकाश का त्यौहार है, ध्वनि एव प्रदूषण का नहीं| हमे दीवाली को धूमधाम से मनाने का पूरा हक है, लेकीन उसे प्र्दूषित करने का नहीं|

अगर पर्यावरण सुरक्षित है तभी हम सब इस धरती पर बचे रह सकते है| तो आईये इस दीवाली को, पटाखो से दूर रह कर प्रदूषण मुक्त और यादगार बनाए.

मुस्कुराते हँसते दीप तुम जलाना
जीवन में नई खुशियों को लाना
दुःख दर्द अपने भूलकर
सबको गले लगाना, सबको गले लगाना
आपको इस दिवाली की शुभकामनाएं

Diwali Festival Essay in Hindi – दीपावली पर निबंध हिंदी में

Essay on Diwali in Hindi For School Students

दीवाली भारत मे हिन्दुओ का सबसे प्र्शिध और महत्वपूर्ण त्यौहार है| इस त्यौहार पर लोग दीपो की माला जलाते है| इसलिए इसे दीपावली भी कहते है|

दीवाली कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है| अमावस्या की काली रात को दीये, मोमबतियाँ बिजली के छोटे – छोटे बल्बो तथा रोशनी की लड़ियों द्वारा घरो, दुकानों, भवनो और मंदिरो को प्रकाशित किया जाता है| इसलिए दिवाली को प्रकाश का उत्सव भी कहा जाता है.

दीवाली मनाने की प्रथा को लेकर हमे इतिहास मे बहुत सी जानकारी उपलब्ध है| परंतु दीवाली मनाने का सबसे मुख्य कारण हिन्दू भगवान श्रीराम से संबंधित है|

कहा जाता है की इस दिन भगवान राम, उनकी पत्नी सीता और छोटा भाई लक्षमण 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लोटे थे|

उनके आगमन की खुशी मे अयोध्यावासियों ने पूरी अयोध्या नगरी को मिट्टी के दिये जलाकर प्रकाशित कर दिया था और इस तरह दीवाली मनाने की परंपरा आरम्भ हो गई|

दीवाली खुसियों का त्यौहार है| यह खुशी हर कोई मनाता है तरह – तरह से रोशनी करके, विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ बांटकर और खाकर, नय वस्त्र और गहने खरीदकर और पटाखे – फुल्जडियन आदि जलाकर इस उल्हास भरे माहौल का धार्मिक महत्व भी है.

इस दिन धन की देवी ‘लक्ष्मी’ की पुजा की जाती है|

दीवाली से कुछ दिन पहले ही घरो और दुकानों की सफाई, पुताई और सजावट का काम शुरू हो जाता है| इस त्यौहार पर कोई न कोई धातु का बर्तन, गहना आदि खरीदना शुभ माना जाता है|

सब दुकानों पर गहमा – गहमी दिखाई देती है| इस दिन दुकानदार नय वही-खाते भी खोलते है| ख़रीदारी बाजार से हो या ऑनलाइन, व्यपारी तरह – तरह के डिस्काउंट और छुट देकर ग्राहको को लुभाते है|

दीवाली से कुछ दिन पूर्व ही शहरो और कस्बो मे राम लीला की जाती है|

भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान आदि की झाकिया निकाली जाती है| यह दिखाया जाता है दीवाली मनाने का उदेशय बुराई पर अच्छाई की जीत है| दीवाली के अवसर पर बहुत से टीवी चैनल्स रंगा – रंग प्रोग्राम आयोजीत करके अपने दर्शको का मनोरंजन करते है.

दीवाली पाँच दिन तक मनाई जाती है| पहला दिन धनतेरस के रूप मे मनाया जाता है और दूसरा नरका चतुर्दशी या छोटी दीवाली के रूप मे तीसरे दिन होती है मुख्य दीवाली और माँ लक्ष्मी की पुजा| चौथा दिन गौवर्धन पुजा का होता है| पांचवे और अंतिम दिन होती है भैयादोज़|

भारत मे दीवाली केवल हिन्दुओ द्वारा ही नहीं मनाई जाती बल्कि इसे मनाने मे लगभग सभी जातियों और धर्मो के लोग स्मिलित होते है|

इस दिन सरकारी छूटी होती है| सीख धर्म के लोग दीवाली इसलिए भी मनाते है क्योंकि 1619 की दीवाली के रोज उनके छठे गुरु हरगोविंद सिंह जी मुगल बादशाह जहाँगीर की कैद से रिहा हुये थे|

जैन धर्म के लोग दीवाली उनके धर्म गुरु महावीर स्वामी के निर्वान प्राप्ति के दिवस की खुशी मे मनाते है|

भारत के अलावा दीवाली नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, मारीशष, युगान, त्रिनिदाद, और टोबेङ्गो,सूरीनम, मलेशिया, सिंगापूर, फिजी, पाकिस्तान, औस्ट्रेलिया, आदि देशो मे भी मनाई जाती है| भारतीय मूल के लोग चाहे किसी देश मे भी रहते हो, दीवाली अवशय मनाते है|

दीवाली कहीं भी मनाई जाय और कितनी धूम – धाम से मनाई जाए, परन्तु हमे दीवाली का मुख्य संदेश नहीं भूलना चाहिए और यह संदेश है की बदी पर हमेशा नेकी की जीत होती है|

आज के युग मे ये जरूरी हो गया है की हमे बाहरी जगमगाहट के साथ – साथ अपने मनो को भी प्रकाशित करना चाहिए| दीवाली से हुए प्रदूषण को साफ करते समय हमे अपने मनो की मैल भी दूर करनी चाहिए और जग मे अमन शांति रखने का प्रयास और कामना करनी चाहिए.

दियो की रोशनी से झिलमिलता आँगन हो,
पटाखो की गूंज से आसमान रोशन हो
ऐसी आए झूम के यह दीवाली आपकी,
हर तरफ खुशियों का ही मौसम हो

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आपको HindiMeStatus.com टीम की और से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ| 🙂

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